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बचà¥à¤šà¥‡ को बार-बार पॉटी आना (बेबी को बार-बार पॉटी आना) ये हो सकता है कारण
– अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ breastfeeding (सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨) करता है तो उनका पूरा आधार उनकी माठपर ही होता है। मतलब की अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ breastfeed (सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨) करता है तब तक आपको अपने खान-पान का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤à¥¤ आपको ये पता होना चाहिठकी नवजात शिशॠको कितनी बार दूध पिलाना चाहिà¤
– बचà¥à¤šà¥‡ को बार-बार पॉटी आना अगर नवजात शिशॠformula milk (बोतल से दूध) पी रहा है तो तो à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को उसे पचाने में दिकà¥à¤•त आती है जिसकी की वजह से बचà¥à¤šà¥‡ का पेट ख़राब हो जाता है और बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ हो जाता है और वो बार बार पोटी करता है।
– नवजात शिशॠअगर गाय का दूध (cow milk) पीता है तब à¤à¥€ उसे दसà¥à¤¤ हो सकते है। कà¥à¤¯à¥à¤•ी बचà¥à¤šà¥‡ की पाचनशकà¥à¤¤à¤¿ कमजोर होती है जिसके कारण बचà¥à¤šà¥‡ को गाय का दूध पचाने में देर लगती है जिसके कारण à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ हो सकता है।
– बचà¥à¤šà¤¾ अगर 2 साल से छोटा है तो उसको rotavirus से होने वाले इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ (संकà¥à¤°à¤®à¤£) से à¤à¥€ दसà¥à¤¤ हो सकता है।
– यदि बचà¥à¤šà¤¾ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के बल पर चलता है यानि की बचà¥à¤šà¤¾ 1 साल से छोटा है तो वो बार बार जमीन को छà¥à¤à¤—ा और जमीन पर पड़ी हà¥à¤ˆ चीज़े à¤à¥€ उठाà¤à¤—ा जिस से उसके हाथ गंदे होंगे और हाथो में बैकà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¿à¤† (bacteria) लग जायेगा और वो गंदे हाथ अपने मà¥à¤à¤¹ में डालता है तब à¤à¥€ उसको चेप (infection) लग सकता है जिसके कारन बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ हो सकता है।
– बचà¥à¤šà¤¾ अगर 6 महीने से बड़ा है और उसने BLW (ठोस आहार) शà¥à¤°à¥‚ कर दिया है तब à¤à¥€ कई सारे बचà¥à¤šà¥‹ को दसà¥à¤¤ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है कà¥à¤¯à¥à¤•ी बचà¥à¤šà¥‡ बड़े बड़े टà¥à¤•ड़ो को सही से चबा नहीं सकते और उसका पेट ख़राब हो जाता है।
– छोटे बचà¥à¤šà¥‡ को बार-बार पॉटी आना का संà¤à¤µà¤¿à¤¤ कारण यह à¤à¥€ होता है की बचà¥à¤šà¥‡ को दांत आने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ होती इसी लिठà¤à¥€ हो सकता है वो बार बार पोटी करता हो।
– अगर बचà¥à¤šà¤¾ बड़ा है तो वो कही बहार à¤à¤¸à¥‡ कà¥à¤› खाना खा लेते है जिस से उसका पेट ख़राब हो सकता है जैसे की, बà¥à¤°à¥‡à¤¡,पिज़à¥à¥›à¤¾,बरà¥à¤—र ये सब fast-food खाने से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को कई बार दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है और वो बार बार पोटी जाता है।
– कई बार बचà¥à¤šà¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ fruits और liquid items जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खा-पी लेता उसकी वजह से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ हो सकता है।
– छोटा या बड़ा बचà¥à¤šà¤¾ egg ,peanut, bread à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› खा लेते जिस से उसको अलेरà¥à¤œà¥€ हो तो उस से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ का पेट ख़राब हो सकता है और बचà¥à¤šà¥‡ को बार बार पोटी जाना पड़ता है।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹ के दसà¥à¤¤ रोकने के उपाय – Loose motion treatment at home
यहाठपर में आपको बचà¥à¤šà¥‹ के दसà¥à¤¤ रोकने के उपाय के वारे में बताऊगी जिसे आप बचà¥à¤šà¥‹ के दसà¥à¤¤ की दवा syrup à¤à¥€ कह सकते हो। अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ बड़ा है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाना खाने के बाद बार बार लैटà¥à¤°à¤¿à¤¨ आना जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ हो रही है तो à¤à¥€ आपको निचे दिठगठउपाय काम आà¤à¤‚गे। कई parents पूछते रहते है की की बार-बार लैटà¥à¤°à¤¿à¤¨ जाने की दवा बताइठतो à¤à¥€ उनको यह घरेलॠउपाय काम आà¤à¤‚गे।
– अगर बचà¥à¤šà¤¾ 2 साल से छोटा है और आपने अà¤à¥€ तक rotavirus का टिका नहीं लगवाया तो तà¥à¤°à¤‚त हो लगवा दे।
– आपका बचà¥à¤šà¤¾ 6 महीने से कम उमà¥à¤° का है। मान लीजिये अगर (2 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ हà¥à¤† है तो दसà¥à¤¤ होने पर कà¥à¤¯à¤¾ करें) तो उसे ओ.आर.à¤à¤¸. का घोल पिलाइये। इसे आप घर पर à¤à¥€ बना सकते हैं 1 लीटर पानी को उबालके ठंडा कर दे फिर उसमे 5-6 चमच चीनी और आधा चमच नमक दाल कर अचà¥à¤›à¥€ तरह से हिलाइये जब तक दोनों पिगल न जाये। फिर उस पानी को बचà¥à¤šà¥‡ को थोड़े थोड़े समय पर दे।
– 8 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को हरी पॉटी कर रहे है तो उनको आप ताज़ा दही और दाड़म का रस पीला सकते हो।
– बचà¥à¤šà¥‡ को केला खिलाइये कà¥à¤¯à¥à¤•ी केले में potassium, magnesium, fiber, zinc, vitamin B, vitamin A होता है जो बचà¥à¤šà¥‹ को दसà¥à¤¤ से होने वाली कमजोरी को दूर करता है।
– आप बचà¥à¤šà¥‹ को जायफल और सेहद का घसारा à¤à¥€ पीला सकते है इस से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ में रहत होगी।
– बचà¥à¤šà¥‹ को सेब (apple puree recipe for baby) खिलाइये सेब में à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में protein होता है जो बचà¥à¤šà¥‡ की पाचनकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में सà¥à¤§à¤° लाà¤à¤—ा और बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ से राहत मिलेगी।
– बचà¥à¤šà¥‡ को घर की बनी हà¥à¤ˆ छास काला नमक डालकर पिलाइये इस से बचà¥à¤šà¥‡ की पचाने की शकà¥à¤¤à¤¿ बà¥à¥‡à¤—ी और बचà¥à¤šà¤¾ खाने को सही से पचा सकेगा। तो उसके खाने में छास को अवशà¥à¤¯ शामिल करे।
– आप बचà¥à¤šà¥‡ को नारियल पानी à¤à¥€ दे सकते हो ये à¤à¥€ दसà¥à¤¤ से रहत दिलाता है।
– घर का बनाया हà¥à¤† ताज़ा दही à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को खिला सकते हो. दही में मौजूद bacteria हमारे शरीर के लिठअचà¥à¤›à¥‡ होते है।
– निमà¥à¤¬à¥‚ और अदरख का रस निकल के उनको 1 गिलास पानी में मिकà¥à¤¸ करके उनको à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को पीला सकते हो। इन से बचà¥à¤šà¥‡ को शकà¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ मिलेगी और उनका पाचनतंतà¥à¤° à¤à¥€ मजबूत होगा।
– अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ नवजात या छोटा है तो बचà¥à¤šà¥‡ की मालिश करिये यानि की बचà¥à¤šà¥‡ के पेट पे हलके हाथो से मालिश करिये इस से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ का पाचनतंतà¥à¤° मजबूत होगा और बचà¥à¤šà¥‹ में बार बार पोटी आने की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर होती जाà¤à¤—ी।
ये सब घरेलॠनà¥à¤¶à¥à¤–े है तो अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ 1 साल से कम उमà¥à¤° का है और वो बार बार गà¥à¤°à¥€à¤¨ पोटी कर रहा है तो पेहेले डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह जरूर ले।
बचà¥à¤šà¥‡ को बार-बार पॉटी आना – रखे इन बातो का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
– बचà¥à¤šà¥‡ को बार-बार पॉटी आना मतलब अगर बचà¥à¤šà¤¾ 1 साल से कम उमà¥à¤° का है और बार बार पोटी करता है तो उसका पोटी का color और smell चेक करिये अगर पोटी का color dark green और खटी smell आती है तो बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ ही है तà¥à¤°à¤‚त ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाये।
– पतली पॉटी के साथ बचà¥â€à¤šà¥‡ को हलà¥â€à¤•ा बà¥à¤–ार है और बचà¥â€à¤šà¤¾ à¤à¤• साल से छोटा है, तो इस समसà¥â€à¤¯à¤¾ को गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लेना चाहिà¤à¥¤
– अगर छोटा बचà¥à¤šà¤¾ बार बार पोटी करता है तो समयसार उनका diaper चेंज करते रहिये कà¥à¤¯à¥à¤•ी गंदे diaper से बचà¥à¤šà¥‡ को infection का खतरा हो सकता है।
– बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ (बचà¥à¤šà¥‡ को बार-बार पॉटी आना) हो गया है और बचà¥à¤šà¤¾ formula milk पिता है तो उनका formula milk brand बदल दे हो सकता है वो जो दूध पीला है वो उनको अनà¥à¤•ूल न होता हो।
– बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ हो गया हो तो उनको हो सके उतना hydrate रखने की कोशिश करे कà¥à¤¯à¥à¤•ी बार बार पोटी करने से बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर में पानी की कमी हो सकती है और बचà¥à¤šà¤¾ कमजोर हो सकता है।
– जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥â€à¤¯à¤¾à¤¸ लगना, जीठसूख जाना, आंखे धंसना और बचà¥â€à¤šà¥‡ का लगातार रोना डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का संकेत हो सकते हैं।
– अगर बचà¥à¤šà¤¾ बड़ा है तो आप उनको दिन में थोड़े थोड़े समय पे निमà¥à¤¬à¥‚ पानी पिलाते रहिये उस से उनका पेट ठीक रहेगा।
नवजात शिशॠदिन में कितनी बार पॉटी करता है
अगर आप à¤à¥€ जानना चाहते हो की शिशॠदिन में कितनी बार पॉटी करता है तो 90% नवजात शिशॠजनà¥à¤® के 24 घंटों के अंदर ही मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करते हैं, जबकि 48 घंटे तक जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बचà¥à¤šà¥‡ कम से कम à¤à¤• बार मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करते ही करते हैं। बचà¥à¤šà¥‡ का पहला मल हरे और काले रंग का होता है और इसमें कोई गंध नहीं होती है जिसे मेकोनियम कहा जाता है।
मेकोनियम 72-96 घंटों के अंदर पास होता है। फिर रंग बदलता सà¥à¤Ÿà¥‚ल आना शà¥à¤°à¥‚ होता है जो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हरा होता है और वो मà¥à¤¯à¥‚कस और पानी से à¤à¤°à¤¾ होता है।
After that पहले week के अंत तक नवजात शिशॠपीले रंग का मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं। जनà¥à¤® के बाद पहले week के दौरान, दूध के सेवन में वृदà¥à¤§à¤¿ के साथ मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ बॠजाती है। इसके अलावा, नवजात शिशà¥à¤“ं का पेट जलà¥à¤¦à¥€ खाली हो जाता है और हर फीडिंग (सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨) के बाद बचà¥à¤šà¤¾ मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करता है।
लेकिन बचà¥à¤šà¥‡ के मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करने का कोई आंकड़ा नहीं बताया गया है। यह बदलता रहता है, à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ में बचà¥à¤šà¤¾ दिन में 6 से 8 बार मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— कर सकता है। मल की मातà¥à¤°à¤¾ इतनी मायने नहीं रखती है जब तक कि बचà¥à¤šà¥‡ को कोई असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ और उलटी न हो, फीड न कर पाने या पेट à¤à¤°à¤¾ होने जैसे लकà¥à¤·à¤£ न दिखाई दें तब तक।
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